

●यह कहानी है सुदेश शर्मा की। हरियाणा के जीन्द जिले की यह बेटी जो वर्तमान समय में कुरुक्षेत्र हरियाणा में रहती हैं जो आज केवल एक सफल अधिवक्ता या एक विदुषी ज्योतिषी ही नहीं, बल्कि शक्ति राइज ग्लोबल फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में हज़ारों महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक हैं। यह कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं, एक ऐसी नारी के अदम्य साहस की, जिसने नियति की हर चुनौती को अपनी जीत की सीढ़ी बना लिया।जब किस्मत ने थामी पढ़ाई, हौसले ने थामे रखी उम्मीदसुदेश जी का बचपन संघर्षों से भरा था। पढ़ाई की ललक मन में थी, पर जिम्मेदारियों और मुश्किलों ने राह रोक ली। 1999 में 10वीं पास करने के बाद, उनकी शिक्षा पर एक लंबा और गहरा विराम लगा। शायद ही कोई सोच पाता कि अब यह यात्रा आगे बढ़ेगी। लेकिन सुदेश जी के भीतर एक लौ जल रही थी, ज्ञान की प्यास और कुछ कर दिखाने का जज़्बा। पूरे 12 साल बाद, साल 2011 में उन्होंने दोबारा कलम उठाई और 12वीं की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। यह सिर्फ एक डिग्री नहीं थी, यह उस अटल विश्वास की कहानी थी कि सपने देखने की कोई उम्र नहीं होती और उन्हें पूरा करने के लिए केवल एक शुरुआत की ज़रूरत होती है।ज्ञान की महायात्रा: हर डिग्री एक नई विजयएक बार जब सुदेश जी ने शिक्षा का रास्ता चुना, तो उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने ज्ञान के हर मोर्चे पर विजय हासिल की, जो उनकी अद्भुत लगन और बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है: * उन्होंने स्नातक की डिग्री लेकर उच्च शिक्षा की मजबूत नींव रखी। * फिर, बी.एड. करके शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देने का मार्ग प्रशस्त किया। * लेकिन उनकी सबसे बड़ी शैक्षिक उपलब्धि है तीन-तीन एम.ए. डिग्रियां! उन्होंने ज्योतिष, हिन्दी और वेद जैसे बिल्कुल अलग-अलग, लेकिन महत्वपूर्ण विषयों में विशेषज्ञता हासिल की। यह दर्शाता है कि वे सिर्फ डिग्री के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान की गहराई में उतरने के लिए पढ़ रही थीं। * उन्होंने विभिन्न व्यावहारिक कौशलों में 7 डिप्लोमा भी प्राप्त किए ये कंप्यूटर साइंस और ज्योतिष से संबंधितथे , जो उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और लगातार सीखने की इच्छा को दर्शाते हैं।कानून के मैदान की में उतरना : पहली ही कोशिश में इतिहास रचाइतनी व्यापक शिक्षा के बाद, सुदेश जी ने कानून के क्षेत्र में कदम रखने का साहसिक निर्णय लिया। उन्होंने एल.एल.बी. की पढ़ाई पूरी की, न्याय के प्रति उनके गहरे सम्मान को दिखाते हुए। और फिर आया वो क्षण, जिसने सबको हैरान कर दिया। भारत में वकालत के लिए सबसे कठिन मानी जाने वाली ऑल इंडिया बार एग्जाम (AIBE) को उन्होंने पहली ही कोशिश में ही पास कर लिया!यह एक असाधारण उपलब्धि थी। जहाँ हजारों अभ्यर्थी सालों तक इस परीक्षा को पास करने के लिए जी-जान लगा देते हैं, वहीं सुदेश जी ने अपने अद्वितीय परिश्रम, तीक्ष्ण बुद्धि और अटूट संकल्प के दम पर इसे पहली बार में ही भेद दिया। यह दर्शाता है कि जब इरादे चट्टान से मजबूत हों, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।प्रेरणा का पुंज: एक मिसाल जो रास्ता दिखाती हैआज, सुदेश शर्मा सिर्फ एक सफल अधिवक्ता और कुशल ज्योतिषी ही नहीं हैं, बल्कि वे शक्ति राइज ग्लोबल फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। उनकी कहानी उन लाखों लोगों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है जो जीवन की मुश्किलों से हार मान लेते हैं, जो सोचते हैं कि अवसर और समय उनके हाथ से निकल चुके हैं।सुदेश शर्मा ने साबित किया है कि सच्ची लगन, अथक मेहनत और अटूट विश्वास के सामने कोई भी परिस्थिति बड़ी नहीं होती। उनकी यात्रा हमें सिखाती है कि कैसे मुश्किलों को अपनी ताकत बनाएं, और कैसे अपने सपनों को हकीकत में बदलें। उनका जीवन एक स्पष्ट संदेश देता है: कभी हार मत मानिए, क्योंकि आपकी सबसे बड़ी ताकत आपके अंदर छिपी है!क्या आप भी सुदेश जी की तरह अपने सपनों को हकीकत में बदलने का हौसला रखते हैं?Advocate & Astrologer Sudesh Sharma kurukshetra Haryana National President of Shakti Rise Global Foundation Contact: +918221931074