सुदेश शर्मा: संघर्षों से शक्ति तक का सफर – एक प्रेरणादायक गाथा कुरुक्षेत्र, हरियाणा की धरती से निकली एक ऐसी शख्सियत, जिनका नाम है सुदेश शर्मा। वह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि अदम्य साहस, अटूट संकल्प और नारी शक्ति का जीता-जागता प्रमाण हैं। एक ज्योतिषी, एक अधिवक्ता और शक्ति राइज़ ग्लोबल फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने जीवन के हर मोड़ पर आने वाली बाधाओं, स्वास्थ्य चुनौतियों और सामाजिक पूर्वाग्रहों का डटकर सामना किया है। उनकी कहानी उन सभी के लिए एक मार्गदर्शक है जो मानते हैं कि मुश्किलों से हार नहीं माननी चाहिए।बचपन की पगडंडी और शुरुआती संघर्षसुदेश शर्मा का बचपन किसी फूलों की सेज जैसा नहीं था। सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों ने कम उम्र से ही उन्हें घेर लिया। परिवार की सीमित आय और समाज की रूढ़िवादी सोच ने उनके लिए राहें मुश्किल कर दी थीं। लेकिन, सुदेश जी ने इन कठिनाइयों को अपनी नियति नहीं माना। उन्होंने हर बाधा को एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया। शिक्षा के प्रति उनकी लगन ऐसी थी कि सभी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उनका यह शुरुआती संघर्ष ही था जिसने उनमें जीवन की बड़ी लड़ाइयों को लड़ने का हौसला पैदा किया। एक ज्योतिषी के रूप में उन्होंने लोगों को आशा की राह दिखाई और एक अधिवक्ता के रूप में उन्होंने न्याय के लिए आवाज़ उठाई, ये दोनों ही पेशे उनके सेवा भाव और आत्मनिर्भरता को दर्शाते हैं।स्वास्थ्य से जूझते हुए भी नहीं हारी हिम्मतजीवन में एक ऐसा मोड़ आया जब सुदेश जी को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं ने घेर लिया। ये वो समय था जब शारीरिक पीड़ा और मानसिक तनाव अपने चरम पर थे। बीमारियों ने उनके शरीर को कमजोर करना चाहा, लेकिन उनके भीतर की आत्मा और भी मजबूत होती गई। उन्होंने एलोपैथिक और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का सहारा लिया, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनकी इच्छाशक्ति ही सबसे बड़ी औषधि साबित हुई। उन्होंने अपनी आंतरिक शक्ति से बीमारियों पर विजय प्राप्त की और साबित कर दिया कि मन का दृढ़ संकल्प शरीर की किसी भी कमजोरी से बड़ा होता है। यह दौर उनके जीवन का सबसे मुश्किल इम्तिहान था, जिसमें वह न सिर्फ सफल हुईं, बल्कि दूसरों के लिए मिसाल बन गईं।समाज सेवा का वृहद दृष्टिकोण और ‘शक्ति राइज़ ग्लोबल फाउंडेशन’ का उदयअपने व्यक्तिगत संघर्षों से सबक लेते हुए, सुदेश शर्मा ने यह महसूस किया कि समाज में कितनी ही महिलाएं ऐसी हैं जो समान चुनौतियों से जूझ रही हैं, लेकिन उनके पास कोई मंच या सहारा नहीं है। इसी विचार ने उन्हें शक्ति राइज़ ग्लोबल फाउंडेशन की स्थापना के लिए प्रेरित किया। यह फाउंडेशन केवल एक संगठन नहीं, बल्कि लाखों महिलाओं की आशा और सपनों का प्रतीक है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में, सुदेश जी ने इस मंच के माध्यम से महिलाओं को उनके कानूनी और सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, कानूनी सहायता शिविर और जागरूकता अभियान चलाए। उनका लक्ष्य स्पष्ट है: प्रत्येक महिला को इतना सशक्त बनाना कि वह अपनी पहचान खुद बना सके और समाज में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सके। आज, शक्ति राइज़ ग्लोबल फाउंडेशन देश के कोने-कोने में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम कर रहा है, और सुदेश शर्मा इस आंदोलन की मशाल बनकर उभरी हैं।सम्मानों की झड़ी: संघर्षों का मधुर फलसुदेश शर्मा के अथक प्रयासों और समाज के प्रति उनके निस्वार्थ समर्पण को न केवल भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। उन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा कई सम्मान और पुरस्कारों से नवाज़ा गया है। ये सम्मान उनके त्याग, लगन और महिलाओं के उत्थान के लिए किए गए अनमोल कार्यों की पहचान हैं। प्रत्येक सम्मान उनके संघर्षों की विजय गाथा सुनाता है और दर्शाता है कि किस प्रकार एक व्यक्ति अपने दृढ़ निश्चय से समाज में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकता है। ये उपलब्धियां केवल सुदेश जी के लिए नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा हैं जो अपने जीवन में मुश्किलों का सामना कर रही हैं।सुदेश शर्मा का जीवन एक सशक्त संदेश देता है: परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि आपमें हौसला है, तो आप हर चुनौती को अवसर में बदल सकते हैं। वह सही मायने में एक आइकॉन हैं, जिन्होंने अपनी संघर्षमयी यात्रा से दूसरों के लिए प्रेरणा का एक नया अध्याय लिखा है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि एक महिला हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती है और समाज में एक स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।क्या आप सुदेश शर्मा जी के किसी विशेष कार्य या शक्ति राइज़ ग्लोबल फाउंडेशन की आगामी पहलों के बारे में और जानना चाहेंगे?
#Social #work #Haryana #jind #kurukshetra #foundation #ngo #Sudesh #Sharma #horoscope #janmkundli #Shakti #Rise #Global #foundation #mahila #sashaktikaran #women #empowerment



